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फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज - Fefdo Mein Infection Ke Ilaj in Hindi
फंगस वातावरण में सà¤à¥€ जगह मौजूद होता है. यह हवा, पानी और जमीन सà¤à¥€ जगह मौजूद होते हैं. अगर हवा में मौजूद फंगस आपके सांस के साथ शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाà¤à¤‚ तो यह आपके शरीर को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है. फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लिठकोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ उमà¥à¤° नहीं है यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकता है. जिन लोगों का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमज़ोर होता है वह फंगल इंफेकà¥à¤¶à¥‡à¤¨ से पीड़â€à¤¿â€à¤¤ होने के लिठअधिक पà¥à¤°à¤µà¤£ होते हैं. कà¥à¤› विशेष फंगस आपके लंग को à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं. हर पà¥à¤°à¤•ार के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ और उपचार अलग-अलग होते हैं. लंग इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार में à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥‡à¤°à¤œà¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, कोकà¥â€à¤•ीडियोडोमाइकोसिस, कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ªà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤•ोकà¥â€à¤•ल मेनिनà¥â€à¤œà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ और हिसà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ शामिल हैं.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ - Fefdo Mein Infection Ke Lakshan
फेफड़ों के फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ फंगस के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करते हैं. इसके सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ में खांसी, सांस उखड़ना, सीने में दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार, थकान और रात को सोते हà¥à¤ पसीना आना शामिल है. कई बार फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को ठीक होने में कà¥à¤› महीने लग सकते हैं. लंग इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के इलाज में à¤à¤‚टी-फंगल दवाओं, ओरल टैबलेट और कैपà¥â€à¤¸à¥‚ल या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के जरिये किया जाता है. इसके अलावा कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‡à¤°à¤¾à¤¯à¤¡ के उपचार से मदद मदद मिलती है.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का सामानà¥â€à¤¯ इलाज पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ - Lungs Mein Infection Ka Ilaj in Hindi
डॉकà¥à¤Ÿà¤° लंग में हà¥à¤ फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के लिठà¤à¤‚टीअसà¥à¤¥à¤®à¤¾ दवायें (ओरल कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ॉसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡) निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है. यह दवायें आपकी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बेहतर बनाती हैं और फेफड़ों में जमा फंगस और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता हैं. यह दवायें बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है और तेज असर दिखाती हैं. डॉकà¥à¤Ÿà¤° ईलाज बà¥à¤¨à¥‡ के बाद कम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ वाली दवाà¤à¤‚ देना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकिया जाता है ताकि फेफड़ों को किसी पà¥à¤°à¤•ार का दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ ना हो. डॉकà¥à¤Ÿà¤° फंगस को बढ़ने से रोकने के लिठदवाà¤à¤‚ à¤à¥€ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की विशेष सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ - Fefdo Mein Infection ki Vishesh Stithiya
फंगस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के तेजी से हो रहे पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° के लिठसबसे पहला इलाज दवाà¤à¤‚ हैं. लंग में बढ़ रहे फंगस संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने और उसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤‚टी फंगस दवाओं की अतिरिकà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ दे सकता है. ये दवायें मरीज को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ या टैबलेट या कैपà¥à¤¸à¥‚ल के रूप में दिया जाता है. मरीज को दवा किस रूप में देनी है यह बात पूरी तरह संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करती है. à¤à¤‚टी फंगस दवाओं का पूरा कोरà¥à¤¸ कई सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ चल सकता है. जब तक आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° न कहे आप अपनी मरà¥à¤œà¥€ से दवा लेनी बंद न करें.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज कितना लंबा चलेगा - Fefdo Mein Infection ka Ilaj Kitna Lamba Chalega
संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज कितना लंबा चलेगा यह पूरी तरह से संकà¥à¤°à¤®à¤£ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ और पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करता है. इसके साथ ही दवाओं का असर और रोगी की सेहत à¤à¥€ समान रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक हैं. इस रोग की पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ हो सकती है, इसलिठमरीज की जांच लगातार की जाती रहती है. यह जांच इलाज के दौरान और उसके बाद à¤à¥€ चलती रहती है. फेफड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को ठीक होने में कई बार वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ लग सकते हैं. अगर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का इमà¥à¤¯à¥‚रन सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर हो, तो उसे ठीक होने में अधिक समय लगता है.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का उनà¥à¤¨à¤¤ इलाज - Fefdo Mein Infection ka Ilaj in Hindi
कà¥à¤› मामले जो बेहद गंà¤à¥€à¤° होते हैं, उनके इलाज के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ करना आवशà¥à¤¯à¤• हो जाता है. इसमें फेफड़े के कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को निकाल दिया जाता है. इससे फेफड़े से फंगस तो निकल जाती है, लेकिन अनà¥à¤¯ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं.
फेफड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के दौरन कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ- Lungs Mein Infection Mein Kya Khana Chahiye
इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से आप केवल दवाओं के जरिये ठीक नहीं हो सकते. आपको अपने आहार पर à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है. इससे फंगस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ को रोका जा सकता है. अदरक को इस मामले में काफी उपयोगी माना जाता है. ऑरगेनी में à¤à¥€ à¤à¤‚टी फंगल गà¥à¤£ होते हैं, तो आपको इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने आहार में शामिल करना चाहिà¤. इसके साथ ही कà¥à¤› खास किसà¥à¤®à¥‡ के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहना चाहिà¤. आपको चीनी, कैफीन और दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से दूर रहना चाहिà¤. इसके साथ ही आपको à¤à¤²à¥à¤•ोआहल और निकोटिन यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹ जैसे, शराब और सिगरेट का सेवन à¤à¥€ नहीं करना चाहिà¤.
आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को पूरी तरह फंगल इंफेकà¥à¤¶à¥‡à¤¨ से नहीं बचा सकते, हालांकि आप कà¥à¤› सावधानियां बरतकर इसके खतरे को कम जरूर कर सकते हैं. अपने कमरे को जीवाणà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ रखें, कमरे का तापमान à¤à¥€ सही रखें, और साथ ही इस बात का खयाल रखें कि आपका कमरा हवादार हो.
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